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उत्तर: इस बहस का कोई 'विजेता' या 'पराजित' नहीं था, बल्कि यह दोनों धर्मों की आध्यात्मिक और दार्शनिक समानता को समझने का एक प्रयास था। dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi
यह डिबेट 2006 में Peace TV के लॉन्च के समय आयोजित की गई थी। उद्देश्य यह था कि दो अलग-अलग धार्मिक दृष्टिकोणों—इस्लाम (जो एकेश्वरवाद या 'तौहीद' पर जोर देता है) और हिंदू धर्म (जो विविधता और निराकार-साकार ईश्वर को मानता है)—के प्रमुख विद्वान एक साथ आकर धार्मिक ग्रंथों के आधार पर चर्चा करें। This public link is valid for 7 days
डॉ. नाइक से पूछा गया कि क्या वे हिंदू अवतारों को अल्लाह का दूत मानते हैं? उन्होंने जवाब दिया कि कुरान के अनुसार हर कौम में मार्गदर्शक भेजे गए हैं, इसलिए यह संभव है, लेकिन चूंकि उनके मूल संदेश समय के साथ बदल गए, इसलिए अब केवल अंतिम संदेश (कुरान) का पालन करना चाहिए। Can’t copy the link right now
3. डॉ. जाकिर नाइक का दृष्टिकोण: तर्क, ग्रंथ और एकेश्वरवाद (तौहीद)